श्री किशोरी दास

श्री किशोरी दास, गौड़ीय सम्प्रदाय के एक रसिक भक्त हुए हैं ।

16 लेख उपलब्ध हैं

  1. आज झूलत लड़ेती झुलावत ललित त्रिभंगी - श्री किशोरीदास (गौड़ीय संत)

    आज ललित त्रिभंगी लाल श्री कृष्ण श्री राधा को झूला झुला रहे हैं । श्री राधा के अंग स्वाभाविक श्रृंगार से केसरी रंग से रंगे चमक रहे हैं, और देह पर पंचरंगी साड़ी सजी है। [1]

  2. श्री राधे जू निरखत सुभग सुहाई - श्री किशोरीदास (गौड़ीय संत)

    आज श्री राधा जू सहज रूप से अति सुंदर दिख रही हैं। अपने संग मोहन श्री कृष्ण को लिए नृत्य कर रही हैं, गा रही हैं एवं वंशी बजा रही हैं, जिसका आनंद ह्रदय में समा नहीं रहा है।

  3. गिरी गोधन पर दोऊ ठाड़े ललित कदम्ब तरै - श्री किशोरीदास (गौड़ीय संत)

    श्री गिरिराज गोवर्धन पर युगल सरकार श्री राधा कृष्ण सुंदर कदंब वृक्ष के नीचे खड़े हैं । वे रस में ऐसे भीजें हुए हैं मानो घन (मेघ) एवं दामिनी (बिजली) एक दूसरे को आलिंगित किए हुए हो ।

  4. जोग जप तीर्थ ब्रत संजम - श्री किशोरीदास (गौड़ीय संत)

    मैं योग, जप, तीर्थ, व्रत, संयम इत्यादि की साधना एक क्षण के लिए भी नहीं करता; मैं तो केवल श्री राधा के चरणों की अनन्य उपासना करता हूँ, जिनकी कृपा से श्री वृंदावन का दुर्लभ वास भी सुलभ हो जाता है।

  5. श्री राधे अद्भुत नाम सुहायो - श्री किशोरीदास (गौड़ीय संत)

    अद्बुत “श्री राधे” नाम मुझे अति ही सुहाता है । "श्री राधे" नाम नित्य ही भगवान श्री हरि, शंकर एवं ब्रह्मा जी द्वारा रटन किया जाता है एवं वेद पुराण भी इसी नाम का गुणगान करते हैं ।