श्री बिंदु जी

श्री बिंदु जी महाराज भक्त एवं कवी थे जिन्होंने "मोहन मोहिनी" के रूप में विभिन्न काव्य पदों का संग्रह किया है ।

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  1. न मैं घनश्याम तुमको दुःख से घबराकर के छोडूंगा - श्री बिंदु जी, मोहन मोहिनी

    हे भगवान कृष्ण, मैं अपने कष्टों से भयभीत होकर तुम्हें नहीं छोडूंगा। अगर मुझे तुम्हें छोड़ना पड़ा तो मैं कुछ बड़ी उथल-पुथल करूंगा।