श्री ललिता सिखवत रस परिकर की - श्री वंशी अलि, सिद्धांत के पद (26)
निकुंज-सेवा की आचार्या श्री ललिता सखी समस्त सखी-परिकर को दिव्य निकुंज-रस की पद्धति और रस-रीति का बोध कराती हैं। हे सखी! ऐसी कृपा हो कि मुझे वृषभानपुर (बरसाना) का वास मिले—यह मेरे मन की पूजित आशा है।
