ताज बेगम (ताज बीबी)

ताज बेगम श्री कृष्ण की बहुत बड़ी भक्त थीं, जिनका विवाह सम्राट अकबर के साथ हुआ था। उन्होंने भगवान कृष्ण के प्रेम में सब कुछ त्याग दिया और ब्रज में आ गई। उनकी समाधि रमणरेती, गोकुल से लगभग 2 किमी दूर स्थित है।

18 लेख उपलब्ध हैं

  1. चैन नहीं मन में न मलीन - ताज बेगम

    ताज़ बीबी वर्णन करती हैं कि श्री कृष्ण के वियोग की इस दारुण अवस्था में न तो चित्त को विश्राम है और न ही इन अश्रुपूरित नेत्रों को रोए बिना शांति प्राप्त होती है।

  2. सबहीं भूमि गोपाल की या में अटक कहा - ताज़ बेगम (ताज़ बीबी)

    समस्त संसार ही भगवान श्रीकृष्ण का है, इसके कण-कण में वे समाए हुए हैं। यह संसार किसी को बाधा नहीं पहुँचाता। वास्तव में जीव का अपना ही मन राग एवं द्वेष रूपी विकारों में अटका (फँसा) होता है। यदि मन को भगवान के भजन में लगा दिया जाए, तो इसकी समस्त अटकन सदा-सदा के लिए समाप्त हो जाए और वह जीव परम निर्भयता को प्राप्त कर ले।

  3. ताज बीबी की समाधि, गोकुल महावन

    ताज बीबी श्री कृष्ण की परम भक्त थीं । इनका जन्म 17वीं शताब्दी में हुआ था । ताज बीबी के पिता का नाम पद्न खान था । ताज बीबी का विवाह बादशाह अकबर के साथ हुआ था ।

  4. ध्रुव से प्रहलाद गज ग्राह से अहिल्या देवि - ताज बेगम

    ताज बेगम कहती हैं, 'जिन्होंने ध्रुव, प्रह्लाद, गज-ग्राह, अहिल्या देवी, शबरी, गीधराज जटायु और विभीषण को इस संसार सागर से पार उतारा, वही श्री हरि हमारे हैं।'

  5. ताज बेगम की जीवनी 

    ताज बीबी श्री कृष्ण की परम भक्त थीं। इनका जन्म 17th शताब्दी में हुआ था। ताज बीबी के पिता का नाम पद्न खान था। ताज बीबी का विवाह बादशाह अकबर के साथ हुआ था।

  6. सुनो दिल जानी, मेरे दिल की कहानी तुम - ताज बीबी

    ताज बेगम [ताज बीबी] इस पद में डंके की चोट पर कहती हैं कि, "ए मेरे दिलजानी [श्री कृष्ण], मेरे दिल की कहानी को ज़रा सुनो, तुम्हारी रूप माधुरी ने मुझे ख़रीद लिया है, अब मैं हर प्रकार की बदनामी भी सहूँगी।"

  7. अल्ला बिसमिल्ला रहिमान और रहीम छोड़ - ताज बीबी

    अल्लाह, बिस्मिल्लाह, रहीम, 'पीर' और अन्य शहीदों सहित ईश्वर के सभी रूपों और ईश्वर के दूतों के बारे में अब मैं कभी बात नहीं करूंगी। अब से मैं केवल श्री राधा-कृष्ण के बारे में ही बात करूंगी।