चन्द्रिका की चटक मुकुट की - श्री रसिक गोविंद
आज हिंडोले पर झूलते हुए युगल सरकार की रूप-माधुरी का वर्णन करते हुए श्री रसिक गोविंद कहते है – ठाकुर जी के मस्तक पर धारण की हुई चन्द्रिका की उज्ज्वल आभा (चटक), उनके मुकुट का सुंदर ढंग से एक ओर लटकना, और दोनों के चंचल नेत्रों तथा भौंहों की चित्ताकर्षक मटक देखते ही बनती है। झूला झूलते समय उनके हृदय पर सुशोभित पुष्पों की मालाओं का हवा में झटकना परम सुंदर प्रतीत होता है।
