धन-धन वृन्दावन के लवा बटेर - श्री अभयराम, वृंदावन रहस्य विनोद (72)
धन्य हैं श्री वृन्दावन के लवा और बटेर पक्षी। बाज के भय से वे दिन-रात कुंजों की ओट के भीतर दुबकेहुए बैठे रहते हैं, फिर भी कभी वृन्दावन छोड़कर बाहर नहीं जाते और सदा कुंजों की शरण लिए रहते हैं।
