वृंदावन रहस्य विनोद

वृंदावन रहस्य विनोद वृंदावन की महिमा को उजागर करता है जिसमें वृंदावन के वृक्ष,पक्षी, जीव जंतु इत्यादि की महिमा का गान बहुत सुंदर ढंग से किया गया है जिसे निम्बार्क संप्रदाय के श्री अभयराम द्वारा रचा गया है ।

22 लेख उपलब्ध हैं

  1. धन-धन वृन्दावन के लवा बटेर - श्री अभयराम, वृंदावन रहस्य विनोद (72)

    धन्य हैं श्री वृन्दावन के लवा और बटेर पक्षी। बाज के भय से वे दिन-रात कुंजों की ओट के भीतर दुबकेहुए बैठे रहते हैं, फिर भी कभी वृन्दावन छोड़कर बाहर नहीं जाते और सदा कुंजों की शरण लिए रहते हैं।

  2. धन धन वृन्दावन गोपेश्वर बाबा - श्री अभयराम, वृंदावन रहस्य विनोद (07)

    श्री वृन्दावन के गोपेश्वर महादेव धन्य, धन्य हैं। उन्होंने वंशीवट पर अपनी बैठक बनाई है और वे वृन्दावन के कोतवाल (रक्षक) होने का अधिकार रखते हैं।

  3. धन धन वृन्दावन जमुना जल पानी - श्री अभयराम, वृंदावन रहस्य विनोद (02)

    श्री वृन्दावन में प्रवाहित होती श्री यमुना जी का जल परम धन्य है। जब यमुना जी की लहरें उठकर शरीर का स्पर्श करती हैं, तो वे संचित पापों के घने समूह (परतों) को सहजता से काट देती है।

  4. धन धन वृन्दावन की लता प्यारी - श्री अभयराम, वृंदावन रहस्य विनोद (01)

    वृन्दावन की प्यारी-प्यारी लताएँ धन्य-धन्य हैं जो कदम के वृक्षों से लिपटी हुई मधुरता से ख‍िल रही हैं, और जिनके ऊपर काली कोयलें मधुर स्वर में गान कर रही हैं।

  5. धन धन वृन्दावन में वसैं कुम्हार - श्री अभयराम, वृंदावन रहस्य विनोद (98)

    वृंदावन में रहने वाले कुम्हार धन्य हैं—वे चाक चलाकर ब्रज रज के सुंदर-सुंदर बर्तन बनाते हैं और करूवा एवं कुलरा (कुल्हड़) गढ़ते हैं।

  6. धन धन वृन्दावन की मालिन प्यारी - श्री अभयराम, वृंदावन रहस्य विनोद (114)

    श्री वृंदावन धाम की प्यारी मालिन धन्य-धन्य है! वह ठाकुरजी के द्वार पर बैठकर प्रेमपूर्वक उनके लिए सुंदर-सुंदर फूलों की मालाएँ पिरोती हैं।

  7. धन धन वृंदावन के विरक्त सन्त - श्री अभयराम, वृंदावन रहस्य विनोद (82)

    श्री वृंदावन धाम के विरक्त संत धन्य धन्य हैं । सुबह होते ही यह संत श्री यमुना जी में नहाते हैं एवं यहाँ की परम पावन रज का सेवन करते हैं (एवं अपने अंगों पर धारण करते हैं ) ।

  8. धन धन वृन्दावन के गदहा प्यारे - श्री अभयराम, वृंदावन रहस्य विनोद (80)

    श्री वृंदावन धाम के प्यारे गधे धन्य हैं जो अपनी पीठ पर मिट्टी एवं ईंट को ढोते हैं एवं सब के घरों एवं मंदिरों के निर्माण में सहायता करते हैं ।

  9. धन धन वृन्दावन में राधारानी - श्री अभयराम, वृंदावन रहस्य विनोद (3)

    श्री वृन्दावन में विराजमान श्री राधारानी धन्य-धन्य हैं, स्वयं सूर्य एवं चंद्र उनके महल के पहरेदार हैं एवं मुक्ति यहां पानी भरती है ।