रसिकन की सत संगत कीजै - श्री भोरी सखी, प्रेम की पीर (164)
हे श्रीराधा प्यारीजू! ऐसी कृपा कीजिए कि मुझे रसिक संतों का संग प्राप्त हो। उनके पावन संग के प्रभाव से मेरे हृदय में विशुद्ध राधा-किंकरी-भाव जागृत हो और मन निरंतर भगवद-प्रेम के रस में भीगा रहे।
